इस नए तरीके से हमेशा के लिए दूर होगा वजाइनल इंफेक्शन

इस नए तरीके से हमेशा के लिए दूर होगा वजाइनल इंफेक्शन

डॉक्टर्स के इस तरीके के अनुसार एक स्वस्थ्य बॉडी से हेल्दी बैक्टीरिया टैंपन जैसे यंत्र के सहारे बैक्टीरियल वेजिनोसिस से पीड़ित महिलाओं के वजाइना में ट्रांसप्लांट किया जाएगा

डॉक्टर्स के इस तरीके के अनुसार एक स्वस्थ्य बॉडी से हेल्दी बैक्टीरिया टैंपन जैसे यंत्र के सहारे बैक्टीरियल वेजिनोसिस से पीड़ित महिलाओं के वजाइना में ट्रांसप्लांट किया जाएगा.

महिलाओं में यौन संक्रमित बीमारियों (Sexually transmitted disease ) का होना आम है. आमतौर पर वजाइना में इंफेक्शन (vaginal infection) आदि की शिकायत होते रहती है. लेकिन यूएस के कुछ डॉक्टर्स ने इससे निपटने का तरीका ढ़ूंढ लिया है. वजाइना से फ्लूइड डिस्चार्ज (fluid discharge) होना एक सतत प्रक्रिया है. इंफेक्शन के दौरान यही डिस्चार्ज असामान्य रूप ले लेती है और इससे एक अजीब सी दुर्गंध आने लगती है. वजाइना के कुछ हिस्सों में खुजली होना भी इसके कुछ लक्षणों में से एक हैं. इनसे निपटने केलिए डॉक्टर्स हमें एंटीबॉयोटिक्स देते हैं. लेकिन इसके बावजूद ये इंफेक्शन दोबारा सिर उठा लेता है. इसी प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए अब यूएस के डॉक्टर्स ने एक नया तरीका इजाद किया है.

डॉक्टर्स के इस तरीके के अनुसार एक स्वस्थ्य बॉडी से हेल्दी बैक्टीरिया टैंपन जैसे यंत्र के सहारे बैक्टीरियल वेजिनोसिस (bacterial vaginosis BV) से पीड़ित महिलाओं के वजाइना में ट्रांसप्लांट किया जाएगा. इन हेल्दी वजाइनल माइक्रोब्स के डोज़ (vaginal microbiota transplant ) से मरीज़ को काफी लाभ पहुंच सकता है. डोनर्स की एचाईवी और अन्य संक्रमण की जांच भी की जाएगी. इसके लिए डोनेट करने के एक महीने पहले ही उनका जांच तिया जाएगा.

हालांकि बैक्टीरियल वेजिनोसिस घातक नहीं है लेकिन इसका इलाज किया जाना जरूरी है. इसके कारण महिलाओं को दूसरे इंफेक्शन के संपर्क में आने या सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज की जद में जल्दी आने का खतरा बढ़ जाता है.

शोधकर्ता टीम का मानना है कि जिन वजाइनल फ्लूइ सैंपल्स में लैक्टोबैसिलस क्रिस्पटस नामक जीवाणु अधिक होते हैं, उनमें काफी बड़ी मात्रा में प्रोटेक्टिव लैक्टिक एसिड और कम पीएच होता है, जो फायदेमंद हो सकता है.

सौजन्य:न्यूज 18

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