कभी दो भाइयों ने रेस्त्रां से शुरू की थी ये कंपनी, आज 122 देशों में करती है करोड़ों का कारोबार

मैकडोनाल्ड बदलते समय के स्वाद के साथ मेन्‍यू भी बदलती रही है. 1940 में मैक और डिक मैकडोनाल्ड नाम के दो भाइयों ने मिलकर कैलिफोर्निया के सैन बर्नार्डीनो में छोटा सा रेस्त्रां खोला था. इसी के बाद उनके कारोबारी सहयोगी रे क्रोक की मदद से इसका दुनिया भर की मशहूर फूड चेन के रूप में विस्तार हुआ. मैकडोनाल्ड की खास बात उसके दाम है जो जेब पर भारी नहीं पड़ते हैं. आज दुनिया भर में फैले हुए मैकडोनाल्ड के मेन्‍यू में सिर्फ बर्गर और फ्रेंच फ्राइ नहीं और भी बहुत कुछ हैं. आज वर्ल्ड बर्गर डे पर हम आपको बता रहे हैं मैकडोनाल्ड के सक्सेस की कहानी. आइए जानते हैं इस छोटे सफर की सबसे बड़ी कहानी-कैलिफोर्निया के एक छोटे से रेस्टोरेंट से शुरू हुआ था यह सफर, जिसे रिचर्ड और मोरिस मैक्डोनाल्ड नाम के दो भाइयों ने शुरू किया था, लेकिन इस कम्पनी की सफलता का पूरा श्रेय रे क्रोक को जाता है, जो 1955 में इस कंपनी से जुड़े. क्रोक के जुड़ने के बाद उन्होंने कम्पनी को शिखर पर पहुंचा दिया.

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इस सफलता की कहानी को अच्छे से समझने के लिए हमे रे क्रोक के बारे में जानना होगा. रे क्रोक का जन्म 5 अक्टूबर 1902 को अमेरिका के इलिनोइस राज्य में ओक पार्क में हुआ था. क्रोक उस रेस्टोरेंट से काफी प्रभावित हुए और उसे विजिट करने के लिए कैलिफोर्निया आए. वहां उन्होंने देखा कि एक छोटे से रेस्टोरेंट होने के बावजूद ग्राहकों की एक लम्बी भीड़ पड़ी हुई थी.

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रे क्रोक ने रेस्टोरेंट की भीड़ में खड़े आदमी से पूछा कि इसमें ख़ास क्या है और यहां इतनी भीड़ क्यों लगी हुई है तो लोगों ने कहा कि यहां आपको अच्छा बर्गर सिर्फ 15 सेंट में मिलेगा. यह ऑर्डर की डिलिवरी के लिए ज्यादा समय भी नहीं लेगा.

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तब क्रोक ने इसके बारे में और गहराई से पता किया तो पता चला के इस रेस्टोरेंट को मैक्डोनाल्ड नाम के दो भाइयों ने मिलकर 1940 शुरू किया था. तब यह ज्यादा सफल नहीं था, लेकिन 8 साल के बाद यह 1948 में मेन्‍यू के आयटम घटाकर कुछ सीमित आयटम कर दिए थे और फिर उन लिमिटेड आयटम पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया, तभी उन्हें सफलता मिलनी शुरू हो गई. उन्होंने अपने बर्गर और फ़ास्ट फ़ूड को बनाने के लिए मशीनों का प्रयोग करना भी शुरू कर दिया था.जिस से लोगो का बहुत समय बचता था. इसी लिए वो वह सबसे पसंदीदा रेस्टोरेंट बन गया था. ये सब देखने के बाद रे क्रोक ने मेक्डोनाल्ड ब्रदर्स से रेस्टोरेंट की फ्रेंचाइजी लेने की कहीं. दोनों भाइयो ने भी रे क्रोक की बात मान ली और अपनी एक फ्रेंचाइजी बेच दी.

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अब क्रोक ने अपने शहर में इलिनोस में 15 अप्रेल 1955 को मेक्डोनाल्ड की एक फ्रेंचाइजी डाल दी. और फिर कम पैसे, फ़ास्ट डिलीवरी और अच्छी सर्विस की वजह से उनका रेस्टोरेंट भी धड़ल्ले से चल पड़ा और उनके पास बहोत पैसे हो गए उसके बाद क्रोक और भी फ्रेंचाइजी मेक्डोनाल्ड ब्रदर्स से मांगने की बात की जिससे और भी शहरो में मेक्डोनाल्ड को फैलाया जा सके लेकिन मेक्डोनाल्ड ब्रदर्स ने यह कहकर मना कर दिया के उनके पास जितने पैसे है वो काफी है और वे और काम नहीं करना चाहते उन्होंने कहा के तुम्हे रेस्टोरेंट की चेन को बढ़ने का इतना ही शोक है तो तुम इस कंपनी को खरीद लो और अपने मन मुताबिक काम करो.

क्रोक को मेक्डोनाल्ड में उज्जवल भविष्य दिखाई दे रहा था और इसी लिए उन्होंने 1961 में कंपनी को 2.7 मिलियन डॉलर देकर और हर साल फायदा देकर खरीद लिया. फिर क्या था अब क्रोक बिना रुके सफलता की सीधी चढ़ते गए और 1983 में मेक्डोनाल्ड को क्रोक ने अपने देश आलावा 31 देश में फैला दिया था.

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