जैक मा ऐसे बने 3 लाख करोड़ रुपए के मालिक, अब चेयरमैन पद से हुए रिटायर

Alibaba के जैक मा ऐसे बने 3 लाख करोड़ रुपए के मालिक, अब 55 की उम्र में चेयरमैन पद से हुए रिटायर

टीचर की नौकरी छोड़ शुरू की थी कंपनी

आज का दिन जैक मा (Jack Ma) के लिए बहुत यादगार रहने वाला है क्यों आज ही के दिन जैक मा अलीबाबा (Alibaba) ग्रुप के चेयरमैन (Chairperson) पद से रिटायर होने वाले हैं. जानें अलीबाबा के जीवन से जुड़ी वो जरूरी बातें जो आपके जीवन में कुछ करने का उत्साह और जोश भर देंगी.

  • नई दिल्ली. अलीबाबा (Alibaba) ग्रुप के फाउंडर जैक मा (Jack Ma) का आज 55वां जन्मदिन है. जैक मा का जन्म 10 सितंबर 1964 को चीन के हन्ग्ज़्हौ, ज्हेजिंग में हुआ. आज का दिन जैक के लिए बहुत यादगार रहने वाला है क्योंकि आज ही जैक मा अलीबाबा ग्रुप के चेयरमैन (Chairperson) पद से रिटायर होने वाले हैं. वह कंपनी की बागडोर डेनियल झांग (Daniel Zhang) को सौंप देंगे और खुद रिटायर हो जाएंगे. डेनियल फिलहाल कंपनी के सीईओ हैं. जैक मा के रिटायरमेंट को लेकर चर्चा हो रही है कि क्या उनके बिना अलीबाबा ग्रुप पहले की तरह ही चलता रहेगा, उसका अस्तित्व पहले की तरह बना रहेगा? जानें जैक मा से जुड़ी वो जरूरी बातें जो आपके जीवन में कुछ करने का उत्साह और जोश भर देंगी.
अगर मन में कुछ करने की चाह हो और हौसले बुलंद हों तो दुनिया की कोई मुश्किल आपको नहीं रोक सकती. ऐसी ही एक सक्सेस स्टोरी ई-कॉमर्स दिग्‍गज अलीबाबा के फाउंडर जैक मा की है. चलिए आपको बताते हैं जैक मा के कारोबारी सफर के बारे में कि कैसे एक गरीब टीचर बन गया लाख करोड़ रुपये (फोर्ब्स की नेटवर्थ के अनुसार) का मालिक..

अगर मन में कुछ करने की चाह हो और हौसले बुलंद हो तो दुनिया की कोई मुश्किल आपको नहीं रोक सकती है. ऐसी ही एक सेक्सेस स्टोरी बड़ी ई-कॉमर्स अलीबाबा के फाउंडर जैक मा की है. टीचर्स डे के मौके पर हम आपको बताने जा रहे है कि कैसे एक गरीब टीचर आज 2.43 लाख करोड़ रुपए का मालिक बन गया...

टीचर की नौकरी छोड़ शुरू की थी कंपनी: बिल गेट्स या स्टीव जॉब्स की तरह जैक मा के पास कंप्यूटर साइंस की भी कोई पृष्ठभूमि नहीं रही. बचपन में कभी उन्होंने कंप्यूटर इस्तेमाल नहीं किया. गणित के पेपर में एक बार उन्हें 120 में से केवल एक अंक मिला. ऐसे में उनकी कामयाबी की कहानी और भी हैरान करती है. 1980 में वह अपने शहर में एक स्कूल टीचर की नौकरी करने लगे. तीन साल बाद उन्होंने इस नौकरी को छोड़ अनुवाद करने वाली एक कंपनी खोली.

ठग समझते थे लोग: उनकी जीवनी पर आधारित किताब ‘अलीबाबा: द हाउस दैट जैक मा बिल्ट’ में बताया गया है कि जब जैक ने 1999 में हांगझू के अपने अपार्टमेंट में अलीबाबा कंपनी का कामकाज शुरू किया था तो लोग उन्हें शक की नजरों से देखते थे. वे उन्हें तीन साल तक ठग ही समझते रहे. बाद में जाकर लोगों को यकीन हुआ कि वो तो उनकी जिंदगी आसान करने वाले व्यक्ति हैं.

टीचर की नौकरी छोड़ शुरू की थी कंपनी: बिल गेट्स या स्टीव जॉब्स की तरह जैक मा के पास कंप्यूटर साइंस की भी कोई पृष्ठभूमि नहीं रही.बचपन में कभी उन्होंने कंप्यूटर इस्तेमाल नहीं किया.गणित के पेपर में एक बार उन्हें 120 में से केवल एक अंक मिला, ऐसे में उनकी कामयाबी की कहानी और भी हैरान करती है.1980 में वह अपने शहर में एक स्कूल टीचर की नौकरी करने लगे. तीन साल बाद उन्होंने इस नौकरी को छोड़ अनुवाद करने वाली एक कंपनी खोली.

मिस्टर इंटरनेट के नाम से थे मशहूर: 1994 में जब वह अपने बिजनेस के सिलसिले में अमेरिका गए थे, तो वहां इंटरनेट देखकर हैरान रह गए. उन्हें यह बात करामाती लगी कि कैसे घर बैठे लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से इंटरनेट के जरिए जुड़ सकते हैं. इसकी कामयाबी से मा चीन में ‘मिस्टर इंटरनेट’ के नाम से मशहूर हो गए.

Loading…

1999 में फरवरी को रखी थी अलीबाबा की नींव: 21 फरवरी 1999 को जैक मा ने अलीबाबा की नींव रखी और इसके लिए अपने 17 दोस्तों को तैयार किया. हालांकि, शुरुआती मुश्किलों के बाद उनकी कंपनी तेजी से ग्रोथ दिखाने लगी.

मिस्टर इंटरनेट के नाम से थे मशहूर: 1994 में जब वह अपने बिजनेस के सिलसिले में अमेरिका गए हुए थे, तो वहां इंटरनेट देखकर हैरान रह गए. उन्हें यह बात करामाती लगी कि कैसे घर बैठे लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से इंटरनेट के जरिए जुड़ सकते हैं. इसकी कामयाबी से मा चीन में 'मिस्टर इंटरनेट' के नाम से मशहूर हो गए.

30 बार इंटरव्यू में हुए थे रिजेक्ट: जब जैक मा के शहर में KFC ने अपनी ब्रांच खोली तो जैक ने उस जॉब के लिए भी अप्लाई किया पर वहां से भी रिजेक्ट हो गए. करीब 30 नौकरी से रिजेक्शन के बाद जैक मा ने अलीबाबा की शुरुआत की और सफलता का स्वाद चखा. आज उनकी कंपनी जबरदस्त फायदे में है और दुनिया के ई-कॉमर्स बाजार में सबसे आगे है.

छह मिनट में इंप्रेस कर मिल गया था कर्ज : जापान की बड़ी फाइनेंशियल कंपनी सॉफ्टबैंक से जैक मा कर्ज लेने में कामयाब हुए. यह कंपनी चीन के आईटी सेक्टर में निवेश करती है. अलीबाबा में शुरुआती निवेश करने वालों में से एक वू यिंग ने वेबसाइट पर लिखा- एक पुरानी सी जैकेट और हाथ में एक कागज पकड़े वह हमारे पास आया था. कुल छह मिनट में उसने निवेशकों को इतना यकीन दिला दिया और दो करोड़ अमेरिकी डॉलर का कर्ज ले लिया.

सौजन्य: न्यूज 18 हिन्दी

You may also like...

Leave a Reply

%d bloggers like this: