तेजी से वजन कम करने के लिए बेस्ट है Alternate day फास्टिंग

वैकल्पिक दिन (Alternate day) फास्टिंग डायट एक तरह का इंटरमीटेंट फास्टिंग डायट है जिसमें शख्स एक दिन बीच कर के फास्ट रखता है. हालांकि अगले दिन उसे जी भर के खाने की छूट रहती है. वह जितनी चाहे उतनी कैलरी, फैट, कार्बोहाइड्रेट वाली डायट ले सकता है. कुछ लोग फास्ट वाले दिन कुछ भी नहीं खाने में विश्वास रखते हैं, लेकिन इस डायट के अनुसार आप फास्ट वाले दिन भी 500 कैलरी का खाना खा सकते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि यह वेट लॉस यानी की वजन कम करने का बहुत ही असरदार तरीका है. इस डायट की मदद से आपको हार्ट से जुड़ी बीमारी या डायबिटीज होने का खतरा कम होता है. और यह बात हम यूं ही हवा में नहीं कर रहे, बल्कि एक अध्ययन के हवाले से बता रहे हैं.रिसर्चर ने इस अध्ययन में 16 लोगों को शामिल किया. इन 16 लोगों को 36 घंटे की फास्टिंग लगातार तीन महीने तक करनी थी. इस बीच उन्हें 36 घंटे पूरे होने के बाद 12 घंटे भरपूर खाने की छूट भी दी जाती थी.

एक तरफ ये 16 लोग फास्टिंग पर थे वहीं दूसरी तरफ 16 लोगों को रखा गया जिन्होंने किसी भी तरह की फास्टिंग डायट नहीं की. उधर फास्टिंग करने वाले लोगों ने फास्टिंग के दिन पूरी तरह भूखे नहीं रहे. उन्होंने भी 500 कैलरी कंज्यूम की.

जब तीन महीने बीते और परिणाम सामने आए तो पाया गया कि फास्टिंग करने वाले लोगों के वजम में कमी आई है. साथ ही उनके ह्रदय से जुड़े खतरे, कोलेस्ट्रोल लेवल में भी कमी दर्ज की गई है. हालांकि रिसर्चर्स ने यह चेताया है कि इसका प्रयोग कम समय में वजन कम करने के लिए ही करें. अगर आपके पास पर्याप्त समय हो और आप एक हेल्दी डायट के माध्यम में वजन कम करना चाहते हैं तो इसका प्रयोग न करें क्योंकि लंबे समय के लिए यह डायट शरीर के मोटाबॉलिज्म को कम करती है.

यह रिसर्च ‘सेल मेटाबॉलिज्म’ (cell metabolism) नाम के एक जर्नल में प्रकाशित हुई है.

वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिफॉर्निया के रिसर्चर्स की मानें तो इस डायट की मदद से न केवल वजन में कमी दर्ज की गई है, बल्कि इससे बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारियों के रिस्क में भी कमी आती है.

इस डायट के कुछ फायदे-

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– दिमाग की फंक्शनिंग को बूस्ट करता है
– ह्रदय के स्वास्थ्य को भी बेहतर रखता है
– मल्टिपल सेलोरोसिस के मरीज के लिए यह डायट फायदेमंद है
– शरीर में सूजन को कम करता है
– फैटी लीवर से जुड़ी बीमारियों से बचाता हैसाइड इफेक्ट्स

  • एनीमिया होने का खतरा
    – इम्यून सिस्मट का कमजोर होना
    – विटामिन या मिनरल की कमी की संभावना
    – डायरिया

बेहतर हो कि ऐसी किसी डायट को अपनाने या शुरू करने से पहले आप एक बार अपने डॉक्टर से कंसल्ट कर लें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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