ब्रेकफास्ट स्किप करने वाले लोगों में अधिक होता है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा

ब्रेकफास्ट स्किप करने वाले लोगों में अधिक होता है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा

सुबह का ब्रेकफस्ट न करने से न सिर्फ आपको टाइप 2 डायबीटीज होने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है बल्कि जो लोग पहले से ही मोटापे का शिकार हैं उनमें तो इसका खतरा और भी ज्यादा होता है

सुबह का ब्रेकफस्ट न करने से न सिर्फ आपको टाइप 2 डायबीटीज होने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है बल्कि जो लोग पहले से ही मोटापे का शिकार हैं उनमें तो इसका खतरा और भी ज्यादा होता है.

डायटिंग (Dieting) का चलन ऐसा बढ़ा है कि हर दूसरा शख्स आजकल डायटिंग पर है. ऊपर से इनकी डायट भी कोई डायटीशियन नहीं डिसाइड करता, बल्कि ये खुद ही अपने हिसाब से अपना डायट प्लान कर लेते हैं. कुछ तो इतने महान होते हैं कि ब्रेकफास्ट तक स्किप कर देते हैं. उन्हें लगता है कि उनके ब्रेकफास्ट स्किप करने से उनका वजन कम हो जाएगा. पर उन्हें नहीं पता कि मात्र ब्रेकफास्ट स्किप करने से वो जाने-अनजाने कितनी बड़ी बीमारियों को बुलावा दे रहे हैं.

एक्सपर्ट मानते हैं कि ब्रेकफास्ट (Breakfast) खाना बहुत ज़रूरी है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि वह ब्रेकफास्ट हेल्दी हो. अब ऐसा न हो कि सुबह-सुबह आप तेल में तले पकौड़े खाने लगें.

सुबह का ब्रेकफस्ट न करने से न सिर्फ आपको टाइप 2 डायबीटीज होने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है बल्कि जो लोग पहले से ही मोटापे का शिकार हैं उनमें तो इसका खतरा और भी ज्यादा होता है.

वैसे लोग जो सुबह की पहली मील यानी ब्रेकफस्ट नहीं करते उनमें टाइप 2 डायबीटीज होने का खतरा 33 प्रतिशत अधिक होता है. इतना ही नहीं वैसे लोग जो सप्ताह में 4 दिन ब्रेकफस्ट नहीं करते उनमें तो डायबीटीज होने का खतरा 55 प्रतिशत अधिक होता है. यह रिसर्च जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन में प्रकाशित हुआ था.

तो ब्रेकफास्ट में क्या खाएं कि टाइप-2 डायबिटीज (Type 2-diabetes) का खतरा कम हो

  • अंडे
  • Loading…
  • ओट्स
  • फल
  • सब्जियां

सुबह का ब्रेकफस्ट बेहद बैलेंस्ड होना चाहिए. इसमें हेल्दी प्रोटीन की मात्रा अधिक होनी चाहिए. वहीं कार्बोहाइड्रेट कम और मक्खन जैसे सैच्युरेटेड फैट बेहद कम.

सौजन्य:न्यूज 18

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