महिलाओं को होने वाली वे 8 यौन संचारित बीमारियां

यौन संचारित रोग यानी एसटीडी एक ऐसा संक्रमण है जो किसी भी प्रकार के यौन संपर्क के दौरान फैलता है. एसटीडी को कभी-कभी यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के रूप में संदर्भित किया जाता है क्योंकि वे यौन गतिविधि के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बीमारी पैदा करने वाले जीव के संचरण को शामिल करते हैं. लेकिन यहां ये जानना महत्वपूर्ण है कि यौन संपर्क में केवल सेक्स ही नहीं आता, बल्कि किस, ओरल-जेनिटल कॉन्टैक्ट, सेक्सुअल खिलौने जैसे वाइब्रेटर का इस्तेमाल आदि से भी होता है. महिलाओं में होने वाले ज्यादातर यौन संचारित रोग कोई खास लक्षण पैदा नहीं करते हैं.यौन संचारित रोगों में सबसे आम और खतरनाक एचआईवी(HIV) है. जहां ज्यादातर यौन संचारित रोगों का इलाज संभव है वहीं एचआईवी का संभव होने के बावजूद पूरी तरह स्वस्थ्य और ठीक होने का रेशियो कम है.
महिलाओं में कई तरह के यौन संचारित रोग होने की संभावना हो सकती है. आज हम ऐसी ही 8 रोगों के बारे में बताएंगे-

गोनोर्रिया या प्रमेह

यह नीसेरिया गानोरिआ नाम के जीवाणु के कारण होता है. पुरुष और महिलाएं दोनों ही इससे संक्रमित हो सकते हैं. ये जीवाणु महिलाओं या पुरुषों के प्रजनन मार्ग या गीले क्षेत्र में आसानी से बढ़ता है. इसके जीवाणु मुंह, गला, आंख और गुदा में भी बढ़ते हैं. यह एक गर्भवती महिला से उसके बच्चे में भी ट्रांसफर हो सकता है.

क्लैमिडिया

यह आमतौर पर महिलाओं की प्रजनन प्रणाली के प्रजनन अंगों को स्थायी और गंभीर क्षति का कारण बनता है. इससे महिला को गर्भ धारण करने में दिक्कत आ सकती है. यदि क्लैमिडिया का समय पर इलाज नहीं किया जाता है, तो इससे घातक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

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सिफलिसयह बहुत ही घातक यौन संचारित रोगों में से एक है. यह बीमारी ट्रीपोनीमा पैलिडम नामक जीवाणु के कारण फैलता है. इस यौन संचारित रोग का मुख्य कारण संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाना है. एक सर्वे के अनुसार भारत में सलाना एक लाख लोग सिफलिस से ग्रसित होते हैं.

जेनिटल हर्पीस

यह बीमारी बैक्टीरियल इन्फेक्शन से होती हैं. इसमें जननांगो के आस-पास बड़े-बड़े फफोले(द्रव-भरे हुए छाले) बनने लगते है. इन फफोलों के बनने के बाद इनमें से जो तरल पदार्थ निकलता है उससे यह और अधिक फैलता है. यह एक संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस (एचएसवी) के कारण जेनाईटल हर्पीस रोग फैलता है.

जेनिटल वार्ट्स

यह सबसे आम यौन संचारित संक्रमण(एसटीआई) है. यह ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण होता है जो यौन संबंध बनाने से फैलता है. हर साल लगभग 3,60,000 लोग जेनाइटल वर्ट्स से पीड़ित होते हैं. एचपीवी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का मुख्य कारण होता है.

कैनक्रॉयड

यह एक ऐसा इंफेक्शन है जो हेमोफीलस ड्यूक्रेयी नाम के बैक्टीरियम से फैलता है. यह जननांग की त्वचा के यौन क्षेत्र में शुरू होता है. इसकी शुरुआत सूजन से होती है और बाद में चलकर यह अल्सर का रूप ले लेती है.

स्कैबीज

स्कैबीज घुन से होने वाली खुजली वाला त्वचा संक्रमण है. इसमें रोगी को दाने या मुंहासे होते हैं. यह बीमारी एक दूसरे के संपर्क में आने से होती है. स्‍कैबीज घुन के काटने से तो फैलती ही है साथ ही यह बीमारी संक्रमित व्‍यक्ति के साथ शारीरिक नजदीकी से भी हो सकती है.

एचआईवी एड्स

एचआईवी पॉजीटिव यानी एड्स एक गंभीर एवं खतरनाक बीमारी है. असुरक्षित यौन संबंध और पीडित व्यक्ति के शारीरिक द्रव के संपर्क में आने से आप इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं. एचआईवी एक वायरस है जो एड्स नाम की बीमारी को जन्म देता है. यह हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम पर अटैक करता है.

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