हेयर लॉस और गंजेपन की समस्या के कारण ,लक्षण और सटीक इलाज के सर्वोत्तम टिप्स

हेयर लोस्स और गंजेपन की समस्या के इलाज के लिए इसके कारण ,लक्षण और उपचार जानना जरुरी है

हेयर लोस्स और गंजेपन की समस्या

गंजेपन की समस्या के सर्वोत्तम इलाज के लिए और हेयर लॉस के रोकथाम के लिए इसके कारणों और लक्षणों के विषय में जानना बहुत जरुरी है.आइए जानते हैं इस विषय में विस्तार से और समझते हैं महत्वपूर्ण टिप्स और सुझाव।

आज के इस इक्कीसवीं सदी में बाल झरने या गंजेपन की समस्या अति गम्भीर रूप ले चुकी है. भारत में आज बाल झरना एक बहुत आम स्वास्थ्य समस्या बन गयी है जिससे आत्मविश्वास में कमी और अच्छे जीवन बसर में अनेक रुकावटें आती हैं. कुछ लोग जहां गंजेपन को कुदरती चीज मानते हैं और इस समस्या का कारण अनुवांशिक दोष को मानते हैं वहीँ कुछ लोग alopecia जैसे बीमारी के कारण गंजेपन का शिकार हो जाते हैं. गंजेपन के शिकार लोगों में अधिकांश को ये पता नहीं होता है कि इस समस्या से निजात पाने के लिए क्या किया जाए? अक्सर लोग या तो अपने बालों को मुंडन कर लेते हैं या बड़े बड़े टोपीयों का इस्तेमाल करने लगते हैं. परंतु संयोगवश आजकल गंजेपन की इस समस्या के लिए बहुत सारे उपचार और समाधान मौजूद हैं जिससे बाल झरना कम होता है, बालों का पुनः निर्माण होता है और पूरे बाल वापस भी आ जाते हैं.
बाल झरने की समस्या का इलाज दरअसल कई छोटे छोटे सामुहिक इलाज़ का एक हिस्सा है. जिसे निर्मित किया गया है androgenic alopecia के कारण होने वाले बाल की कमी के इलाज के लिए. यह बीमारी अनुवांशिक गडबड़ी के कारण हो सकती है और पुरुषों में होने वाले इस प्रकार के खास पैटर्न वाले गंजेपन  के लिए कई प्रकार के अनुवांशिक जीन समुह जिम्मेदार हैं. ये समस्या माता या पिता किसी से भी आ सकती है. और स्त्री मे भी इसी तरह की hair लॉस के पैटर्न देखने को मिल सकती है.

गंजेपन की समस्या के मुख्य कारण (Main Causes of Baldness) :

गंजेपन की समस्या के सर्वोत्तम इलाज के लिए हेयर लॉस के रोकथाम के लिए इसके कारणों और लक्षणों के विषय में जानना बहुत जरुरी है

गंजेपन की समस्या

सिर में इन्फेक्शन (Scalp Infection):

सिर के त्वचा अर्थात scalp में गंदे रखरखाव की वजह से बलों के जड़ों में fungal infection हो जाता है जिससे बाल कमजोर होने लगते हैं और झरने लगते हैं. एक तरह का और इंफेक्शन है जो रिंग worms के कारण होती है और इस के चलते तत्कालीन temporary हेयर लॉस होता है साथ ही पूरे scalp पे फैल कर ये सफेद पैच छोडते है.सिर पर दाद के होने से भी गंजेपन को बढ़ावा मिल सकता है.

हार्मोन के बदलाव (Hormonal changes):

यह एक बहुत बड़ा कारण है जिसके प्रभाव से बाल झरने लगते हैं. पुरषों और स्त्री दोनों में ही इसे देखा गया है. रक्त प्रवाह में हार्मोन के उत्सर्जन में असंतुलन की स्थिति में क्षणिक तौर पर भारी संख्या में बाल झरने लगते हैं. और इस संदर्भ में मौजूदा रिपोर्ट के अनुसार Thyroxine और Thyroid  ग्रंथी बालों को पतला और कमजोर बनाने का काम करते हैं और इस तरह सिर्फ सिर के ऊपर के त्वचा से ही नहीं शरीर के अन्य हिस्सों के बाल भी झरने लगते हैं.

असंतुलित और अपर्याप्त आहार(Unbalanced and Poor Diet) :

भोजन की अपर्याप्त मात्रा और आहार में वांछित पौष्टिक तत्वों की कमी जैसे विटामिन ई,विटामिन सी, फैटी एसिड और प्रोटीन से रहित अस्वस्थ्य भोजन लेने से nutrition लेवल कम हो जाता है और स्वाभाविक रूप से भारी मात्रा में बाल झरते है.

शरीर में आयरन की कमी बालों के झड़ने को बढ़ावा दे सकती है।
आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन न होने से भी गंजेपन को आमंत्रण मिल सकता है।
अगर परिवार में कोई गंजेपन का शिकार हुआ है, तो यह समस्या आने वाली पीढ़ी के किसी भी शख्स को हो सकती है।
कोई बीमारी भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती है।

रसायन चिकित्सा में उपयोग की जाने वाली दवाइयां भी गंजेपन का कारण बन सकती हैं।

 हेयर स्टाइल (Hair style) :

आपकी हेयर स्टाईल भी आपके बालों के झरने का कारण बन सकता है. चौंकिए मत क्युकि यह सच है कि अगर आप हानिकारक तेलों, हेयर कलर, ड्रायर, ब्लोअर आदि का उपयोग करते हैं और जोर देकर बालों को खिंचते है तो मुमकिन है कि इससे आपके बाल हमेशा के लिए गायब हो सकते हैं.

गंजेपन के लक्षण (Symptoms of Baldness)

बालों के झड़ने को नजरअंदाज न करें, यह आपके आने वाले गंजेपन का लक्षण हो सकता है। गंजेपन के कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:

(1)गंजेपन सिर के मध्य से दिखाई देने शुरू होता है।
बालों का पतला होना गंजेपन का लक्षण हो सकता है, क्योंकि इस कारण बाल झड़ने लगते हैं।
कंघी करते या बालों को धोते समय अधिक बाल हाथ में दिखाई दे रहे हैं, तो यह गंजेपन की निशानी हो सकता है।

(2)पूरे शरीर के बालों का झड़ना भी गंजेपन की ओर इशारा हो सकता है।बालों का टूटना भी गंजेपन का लक्षण हो सकता है।

गंजेपन के प्रकार (Types of Baldness) 

गंजेपन के प्रकार को मनुष्य की उम्र और लिंग के अनुसार निर्धारित किया जा सकता है। आइए, जानते हैं कि गंजेपन के कितने प्रकार होते हैं .

पुरुषों में गंजापन–

यह आनुवंशिक है और बालों का झड़ना किसी भी उम्र में शुरू हो सकता है। पुरुषों में अक्सर सामने की तरफ या सिर के बीच से बालों का झड़ना शुरू होता है।

महिलाओं में गंजापन–

यह पुरुष को गंजेपन से अलग है। इसमें बाल पूरे सिर से झड़ने लगते हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में गंजापन कम दिखाई देता है।

एलोपेसिया एरियाटा–

 इसमें बाल किसी एक खास एरिया से झड़ने शुरू होते हैं। वहां पर बाल फिर मुश्किल से उगते हैं। हालांकि, इस प्रकार के बालों के झड़ने का मुख्य कारण अभी पता नहीं चला है, लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसा ऑटोइम्यून स्थिति के कारण हो सकता है। वहीं, अगर बालों का झड़ना पूरे सिर पर शुरू हो जाता है, तो इसे एलोपेसिया टोटलिस कहा जाता है।

टॉक्सिक एलोपेसिया –

 तेज बुखार या गंभीर बीमारी के बाद बाल झड़ सकते हैं। वहीं, कुछ दवाइयों के सेवन, जैसे – थैलियम, विटामिन-ए की हाइ डोज व कैंसर की दवा लेने से भी गंजापन हो सकता है। इसके अलावा, थायराइड व शिशु को जन्म देने के बाद भी बाल झड़ सकते हैं, लेकिन ये अस्थाई कारण होते हैं।

ट्रिकोटिलोमेनिया (बाल खींचना)–

बालों को खींचने से भी गंजेपन का शिकार होना पड़ सकता है। किशोरावस्था के दौरान ऐसा होना आम है।

स्कारिंग या सिकाट्रिकियल – सिर में किसी जगह घाव हो जाने पर भी वहां से बाल झड़ सकते हैं। जलने, चोट लगने या एक्स-रे के कारण स्कारिंग की समस्या हो सकती है। ऐसा बैक्टीरिया, फंगल इंफेक्शन व स्किन कैंसर आदि के कारण भी ऐसा हो सकता है।

बालों के झरने का रोकथाम और उपचार(Hair-loss Prevention and treatment):

बालों के झड़ने को नजरअंदाज न करें

बालों के झड़ने को नजरअंदाज न करें

किसी भी समस्या का रोकथाम और सतर्कता उसके समाधान और इलाज करने से अच्छा विकल्प है. हेयर लॉस के सन्दर्भ में ये है कि झड़े हुए बालों पूर्णतः जल्दी को वापस तो नहीं लाया जा सकता है पर रोकथाम और उपचार से बालों का झरना कम हो सकता है. आगे दिए गए उपायों से  सटीकता से बाल झरने का रोकथाम और उपचार किया जा सकता है.
एक अच्छा सन्तुलित आहार मेंटेन करे और ऐसे कंघी का इस्तेमाल करे जिसके कांटे चौरस हो और बालों पे सहज हों. इलेक्ट्रॉनिक थेरपी और नुकसानदायक हेयर स्टाईल के तरीके ना आजमाए. बालो के देखभाल के लिए आयुर्वेदिक medication ट्राई करे ताकि साइड इफेक्ट से बचे रहे. कभी भी बालो को जोर से ना खींचे ना ही ट्विस्ट करे.

गंजेपन कम करने के लिए घरेलू उपाय और औषधियाँ(Medications and Home Remedies To Cure Baldness )

बाल झड़ने और गंजेपन की परेशानी को दूर किया जा सकता है। यहां हम बालों के झड़ने को रोकने के लिए घरेलू उपाय की जानकारी दे रहे हैं, जो आपके लिए सहायक साबित हो सकती है।

गंजेपन की समस्याके लिए होम रेमेडीज

गंजेपन की समस्याके लिए होम रेमेडीज

1. गंजापन ठीक करने के लिए तेल-
गंजेपन को दूर करने के लिए तेल मुख्य भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों में अवशोषित होकर बालों के झड़ने की समस्या से निजाद दिला सकते हैं।

क) अरंडी का तेल (Castor oil)

सामग्री :

2 से 3 चम्मच अरंडी का तेल
2 चम्मच नारियल तेल
कैसे करें इस्तेमाल

तेलों को मिलाकर हल्का गर्म करें और इसे अपने स्कैल्प पर लगाएं।
इसे रात भर लगा रहने दें।
अगली सुबह बालों को शैम्पू से धो लें।
कितनी बार करें :

इसे हफ्ते में 3-4 बार लगाएं।
कैसे है लाभदायक :बाल उगाने के आयुर्वेदिक उपाय में अरंडी के तेल की अहम भूमिका होती है। अरंडी के तेल से बार-बार मालिश करने पर पूरे सिर में रक्त का संचार बढ़ता है, इसमें ओमेगा-6 एसेंशियल फैटी एसिड होते हैं, जो बालों को जड़ों से मजबूत बनते हैं। यह स्कैल्प को पोषण प्रदान करते हैं और डेंड्रफ को कम करते हैं, जिससे बालों को विकसित होने में मदद मिलती है .

ख) नारियल तेल

सामग्री :

2 से 3 चम्मच नारियल तेल
कैसे करें इस्तेमाल :

कुछ सेकंड के लिए तेल को गर्म करें और इससे सिर की मालिश करें।
4-5 घंटे बाद सिर को धो लें। आप इसे रात को सोने से पहले भी लगा सकते हैं।
कितनी बार करें :

इसे हफ्ते में 3-4 बार लगाएं।
कैसे है लाभदायक :

गंजेपन का इलाज नारियल के तेल से किया जा सकता है। नारियल के तेल में पौष्टिक वसा और अल्फा-टोकोफेरॉल होता है, जो स्कैल्प को हाइड्रेटेड करने में सहायता करता है। साथ ही बालों के रोम छिद्र को मजबूत करने और बालों के विकास को प्रोत्साहित करने में भी मदद करता है। वर्जिन नारियल तेल एंटीऑक्सीडेंट से समृद्ध होता है, जो स्कैल्प और बालों को नुकसान होने से बचाता है (5)।

ग) कद्दू के बीज का तेल

सामग्री :

1 चम्मच कद्दू के बीज का तेल
1 बड़ा चम्मच जैतून का तेल
कैसे करें इस्तेमाल :

इन दोनों तेलों को मिलाकर सिर पर लगाएं।
इसे रात भर लगा रहने दें।
सुबह नहाते समय शैंपू से बालों को धो लें।
कितनी बार करें :

इस घरेलू उपचार को हफ्ते में 2 बार प्रयोग किया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक :

कद्दू के बीज से बने तेल पर परीक्षण किया गया है, जिसमें यह साबित हुआ है कि गंजेपन के इलाज के लिए कद्दू के बीज का तेल अधिक उपयोगी है। यह कैरोटीन, टोकोफेरोल और अन्य लाभकारी पोषक तत्वों से समृद्ध होता है, जो गंजेपन की समस्या को दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं (6)। इस प्रकार यह गंजेपन का रामबाण इलाज साबित हो सकता है।

घ) पुदीने का तेल(Mint oil)

सामग्री :

3-5 बूंदें पेपरमिंट ऑयल
पानी से भरा एक प्याला
गर्म तौलिया या शॉवर कैप
कैसे करें इस्तेमाल :

पानी में तेल को मिक्स करें और बालों पर लगाएं।
20-30 मिनट के लिए अपने सिर को गर्म तौलिया या शॉवर कैप से ढक लें।
फिर इसे हल्के शैम्पू से धो लें।
कितनी बार करें :

इसे हफ्ते में 2 बार लगाएं।
कैसे है लाभदायक :

पुदीने के तेल से गंजेपन का इलाज किया जा सकता है। इसमें में एंटीऑक्सीडेंट और जीवाणुरोधी गुण पाए जाते हैं। जो बालों के झड़ने से रोकने में मदद करते हैं। एक अध्ययन से यह साबित हुआ है कि पुदीने का तेल कुछ ही हफ्तों में बालों को लंबा और घना बना सकता है (7)।

च) सिद्ध हेयर ऑयल

सामग्री :

100 मिली सिद्ध हेयर ऑयल
4-5 कपूर की गोलियां
कैसे करें इस्तेमाल :

कपूर की गोलियों को पीसकर उन्हें सिद्ध तेल में मिलाएं।
इसे ऐसी जगह पर रखें, जहां तक हवा न पहुंच सके।
सोने से पहले इस तेल को सिर पर लगाएं।
अगली सुबह बालों को अच्छे शैम्पू से धो लें।
कितनी बार करें :

इसे हर रात को इस्तेमाल करें।
कैसे है लाभदायक :

सिद्ध हेयर ऑयल को तिल का तेल, नारियल तेल, गुलाब और मेंथी के बीज को मिलाकर तैयार किया जाता है। इन तेलों और बीजों के मिश्रण का उपयोग बालों के लिए फायदेमंद होता है। इसलिए, ऐसा माना जाता है कि यह गंजेपन की समस्या को दूर करने में भी सहायक हो सकता है। यहांं हम स्पष्ट कर दें कि बालों के संबंध में सिद्ध हेयर ऑयल को लेकर अभी कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए, आप इसे यूज करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

छ) तारामीरा तेल

सामग्री :

2-3 बड़े चम्मच तारामिरा तेल
कैसे करें इस्तेमाल :

इस तेल से सिर की मालिश करें।
इसे 2-3 घंटे के लिए लगे रहने दें और फिर सिर को धो लें।
कितनी बार करें :

इसे हफ्ते में 2 बार लगाएं।
कैसे है लाभदायक :

अरुगुला (एरुका सैटिवा) के बीज से निकाले गए तरल पदार्थ को तारामिरा तेल कहा जाता है। इसे बाल उगाने के इलाज के रूप में उपयोग कर सकते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में फैटी एसिड होता है और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीफंगल के भी गुण पाए जाते हैं। इस तेल से बालों के झड़ने और गंजेपन का इलाज भी किया जाता है (8)।

2. सेब का सिरका(Apple vinegar)

सामग्री :

1-2 बड़े चम्मच सेब का सिरका
पानी से भरा एक प्याला
कैसे करें इस्तेमाल :

सेब के सिरके को पानी में घोलें और इसे बालों पर लगाएं।
इससे एक या दो मिनट तक सिर की मालिश करें और फिर पानी से इसे धो लें।
कितनी बार करें :

इस उपाय को हफ्ते में 2 बार किया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक :

बाल उगाने के आयुर्वेदिक उपाय के बारे में बात करें, तो सेब का सिरका भी इसमें शामिल है। सेब का सिरका सिर के पीएच स्तर को संतुलित करता है और बालों के विकास में बाधा उत्पन्न करने वाले रोगाणुओं को दूर करता है। इससे बालों को बढ़ने में सहायता मिलती है (9)।

3. आंवला

सामग्री :

1 बड़ा चम्मच आंवला का तेल
कैसे करें इस्तेमाल :

तेल को थोड़ी देर गर्म करके ठंडा होने दें।
फिर उसे सिर की मालिश करें।
इसे 2-3 घंटे लगा रहने दें और फिर धो लें।
कितनी बार करें :

इसे हफ्ते में 2 से 3 बार लगा सकते हैं।
कैसे है लाभदायक :

आंवले से निकाले गए तेल का उपयोग गंजेपन को दूर रखने के लिए भी किया जा सकता है। इसके उपयोग से बालों के विकास को मजबूत करने में सहायता मिलती है। इस आंवले का उपयोग बालों के बेहतर विकास के लिए पारंपरिक व्यंजनों में हेयर टॉनिक के रूप में भी किया जा सकता है (10)। इसे गंजेपन का रामबाण इलाज माना जा सकता है।

4. प्याज का रस

सामग्री :

1 मध्यम आकार का प्याज
1 बड़ा चम्मच शहद
कॉटन बॉल
कैसे करें इस्तेमाल :

प्याज को पीसकर उसका रस निचोड़ लें।
फिर इसमें शहद मिलाकर अच्छी तरह से मिक्स करें।
इसके बाद कॉटन बॉल का इस्तेमाल करके इसे सिर पर लगाएं और 20-30 मिनट तक लगे रहने दें।
फिर सिर को शैम्पू से धोएं।
कितनी बार करें :

इस प्रक्रिया को हफ्ते में 2 बार किया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक :

ज्यादातर लोग इस बात से परेशान होते हैं कि नये बाल कैसे उगाएं या फिर नये बाल उगाने के उपाय ढूंढते रहते हैं। अगर आप भी झड़ते बालों के लिए कोई इलाज ढूंढ रहे हैं, तो प्याज का रस लाभदायक हो सकता है। यह बालों को जड़ों से मजबूत करने में मदद करता है। वहीं, जब इसे शहद के साथ मिलाया जाता है, तो यह बालों के झड़ने के उपचार में भी मुख्य भूमिका निभाने का काम करने लगता है। सिर के जिस हिस्से से बाल उड़ चुके हैं, वहां इस मिश्रण को लगाने से बालों के विकास में सुधार होता है (11)।

5. अदरक(Ginger)

सामग्री :

1-2 इंच का अदरक
2 बड़े चम्मच जैतून का तेल या जोजोबा तेल
कैसे करें इस्तेमाल :

अदरक को कद्दूकस करके तेल में कुछ मिनट के लिए भिगो दें।
इसे सिर पर लगाएं (अदरक के टुकड़ों के साथ) और 2-3 मिनट तक मसाज करें।
इसे 30 मिनट के लिए लगे रहने दें और फिर अपने बालों को शैम्पू करें।
कितनी बार करें :

इसे आप हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैसे है लाभदायक :

अदरक बाल उगाने के इलाज के रूप में काम कर सकता है। इसमें एंटी हेयर लॉस, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव होते हैं, जो सिर में रक्त के प्रवाह को बेहतर करते हैं और बालों के रोम छिद्र में सुधार करने में मदद करते हैं। हालांकि, बालों को मजबूत करने के लिए अदरक का इस्तेमाल पारंपरिक तरीके से कई वर्षों से किया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

6. अंडे का पीला भाग

सामग्री :

1 अंडा
कैसे करें इस्तेमाल :

अंडे के पीले भाग को अलग करें और इसे अच्छी तरह से फेंट लें।
पेस्ट को स्कैल्प और बालों पर लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें।
इसके बाद शैम्पू से बालों को धो लें।
कितनी बार करें :

कुछ हफ्तों के लिए इसे दो बार लगाए और फिर बाद में इसे हफ्ते में एक बार उपयोग करें।
कैसे है लाभदायक :

अंडे को प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत माना गया है। बालों के विकास और बालों को झड़ने से रोकने के लिए प्रोटीन की अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है। यह नये बाल उगाने के उपाय के रूप में अच्छा साबित हो सकता है। यह न केवल बालों को विकास में मदद करता है, बल्कि बालों को रेशमी व चमकदार बनाता है (12)।

7. एलो वेरा

सामग्री :

1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल
कैसे करें इस्तेमाल :

ताजे एलोवेरा जेल को अपने सिर पर लगाएं।
इसे 15-20 मिनट तक लगा रहने दें।
फिर अपने बालों को पानी धो लें।
कितनी बार करें :

आप एलोवेरा जेल को हफ्ते में 2 से 3 बार लगा सकते हैं।
कैसे है लाभदायक :

बाल उगाने के उपाय में एलोवेरा भी अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। इसके जेल को सिर पर लगाने से सूखापन दूर होता है। एलोवेरा के एंजाइम प्रभाव के कारण यह बालों को झड़ने से रोक सकता है। साथ ही यह बालों के विकास में मदद करता है (13)।

8. कॉफी
Coffee

सामग्री :

1 बड़ा चम्मच शहद
1 बड़ा चम्मच जैतून का तेल
2 चम्मच कॉफी पाउडर
कैसे करें इस्तेमाल :

सभी को अच्छी तरह से मिलाएं और फिर इस मिश्रण को स्कैल्प पर मास्क के रूप में लगाएं।
इसे 20 मिनट के लिए लगे रहने दें।
फिर सामान्य शैम्पू से सिर को धो लें।
कितनी बार करें :

इसे हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल किया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक :

आपको यह पढ़कर कुछ अटपटा लग सकता है, लेकिन बाल उगाने के उपाय में कॉफी भी शामिल है। कॉफी बालों के विकास में बाधा उत्पन्न करने वाले कारकों को रोककर बालों के विकास को बढ़ावा देने का काम करती है

9. मेथी

सामग्री :

2-4 बड़े चम्मच मेथी पाउडर
पानी या छाछ
कैसे करें इस्तेमाल :

अच्छा पेस्ट बनाने के लिए मेथी पाउडर में पर्याप्त पानी या छाछ मिलाएं।
इसे अपने सिर पर लगाएं और लगभग एक घंटे तक लगे रहने दें।
इसके बाद शैम्पू से बालों को धो लें।
कितनी बार करें :

यह घरेलू उपाय हफ्ते में 1 या 2 बार उपयोग किया जा सकता है।
कैसे है लाभदायक :

अगर आपके मन में सवाल है कि नये बाल कैसे उगाए जाएं, तो आपको बता दे कि मेथी इसके लिए सहायक हो सकती है। मेथी पेस्ट का उपयोग बालों को झड़ने से रोकने और बालों के रोम छिद्रों को विकसित करने में मदद करता है। इसमें हार्मोन और अन्य प्रोटीन के गुण होते हैं, जो बालों को फिर से बढ़ने में मदद करते हैं (16)।

10. चाइनीज जड़ी-बूटियां

बाल उगाने का इलाज चाइनीज जड़ी-बूटियों से भी किया जा सकता है। कई वर्षों से इन जड़ी-बूटियों की मदद से गंजेपन की समस्या को ठीक किया जा रहा है। इन जड़ी बूटियों में जिन्कगो व ड्रायनेरिया आदि शामिल हैं। ये जड़ी-बूटियां स्कैल्प में परिसंचरण को बेहतर करती हैं। साथ ही शरीर के लिए टॉनिक का काम करती हैं (17)।

11. मुलेठी की जड़(liquorice root)

सामग्री :

1 चम्मच मुलेठी का पाउडर
1/2 कप दूध
एक चुटकी हल्दी
शॉवर कैप
कैसे करें इस्तेमाल :

दूध में मुलेठी के पाउडर और हल्दी को मिलाकर पेस्ट बना लें।
फिर इसे अपने सिर पर लगाएं।
इसके बाद सिर को एक शॉवर कैप के साथ कवर करें और रात भर लगा रहने दें।
अगली सुबह बालों को शैम्पू कर लें।
कितनी बार करें :

इसे हफ्ते में 3 बार उपयोग किया जा सकता है। आपको एक महीने में इसका असर दिखने लगेगा।
कैसे है लाभदायक :

लीकोरिस (मुलेठी) एक प्रकार की जड़ी-बूटी है, जो बालों को झड़ने से रोकने का काम कर सकती है। मुलेठी में एंटी एंड्रोजन गुण पाया जाता है, जो शरीर पर टेस्टोस्टेरोन जैसे एंड्रोजन के बायोलॉजिकल प्रभाव को होने से रोकता है (18)। इसी गुण के कारण मुलेठी पुरुषों में होने वाले गंजेपन में फायदेमंद साबित हो सकती है।

साथ ही मुलेठी में अमीनो एसिड और पॉलीसेकेराइड भी पाए जाते हैं, जो स्कैल्प में मॉइस्चर और हाइड्रेट को बनाए रखने का काम करते हैं। साथ ही मुलेठी बालों को मजबूत, रेशमी और चमकदार बनाने का भी काम भी कर सकती है .

चलिए, गंजेपन को कम करने के लिए कुछ और तथ्यों पर नजर डालते हैं।

गंजेपन को कम करने के लिए कुछ और टिप्स ( Other Tips To Treat Baldness)

गंजेपन की समस्या को दूर रखने के लिए कुछ तरीकों का उपयोग कर सकते हैं, जिसकी जानकारी आपके लिए उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

गंजापन के लिए आहार- अपने बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आपको अनहेल्दी और जंक फूड्स से दूर रहना होगा। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और खुद को हाइड्रेटेड रखना बालों के झड़ने को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है। बालों की मजबूती के लिए इन आहार को शामिल करना आपके लिए उचित होगा।

विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे खट्टे फल और अमरूद का सेवन।
मांस, चिकन और मछली (बालों के रोम छिद्रों को पर्याप्त प्रोटीन की आपूर्ति करने के लिए)।
विटामिन-ए और बीटा-कैरोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, स्क्वैश, तरबूज और खुबानी।
स्ट्रॉबेरी, लाल मिर्च, गेहूं, जौ, जई, चावल और बीन्स जैसे सिलिका से भरपूर खाद्य पदार्थ।
दूध, दही और अंडे।
विटामिन– स्वस्थ बालों के विकास के लिए विटामिन ए, बी, सी और ई आवश्यक है। विटामिन बालों के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने के साथ-साथ रक्त के संचार को भी बढ़ाने का काम करता है। विटामिन की कमी बालों के झड़ने का कारण बन सकती है। इसलिए, इन डाइट में विटामिन का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। सही विटामिन का चुनाव करने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

गंजापन के लिए जोंक थेरेपी– जोंक खून चूसने वाला कीड़ा होता है। आयुर्वेद में इसका उपयोग गंजेपन का इलाज करने के लिए किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस थेरेपी के उपयोग से सिर के रक्त संचार में सुधार होता है। इससे बालों के विकास में मदद मिल सकती है। इस तकनीक को केवल एक प्रशिक्षित व्यक्ति ही कर सकता है। यह उपचार कितना सुरक्षित और कारगर है, इस संबंध में कोई वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध नहीं है.

लेजर ट्रीटमेंट थेरेपी(Laser Therapy):

लेजर थेरेपी के जरिए एंड्रोजेनिक एलोपेसिया की समस्या को दूर किया जा सकता है और बालों को बढ़ने में मदद मिल सकती है। इस थेरेपी से बाल मोटे व घने हो सकते हैं (22), लेकिन इस संबंध में वैज्ञानिक अध्ययन कम हुए हैं। इसलिए, लेजर थेरेपी करवाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात कर लें।

गंजेपन के लिए एक्यूपंक्चर– एक्यूपंक्चर वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है। गंजेपन को दूर रखने के लिए इसका भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

नोट : इस विधि को विशेषज्ञ के सहायता से ही करें।

आइए जानते है कि गंजापन से बचने के और तरीके क्या-क्या हैं।

गंजेपन से बचने के उपाय (Prevention Tips for Baldness)

अगर अच्छी तरह से अपने बालों पर ध्यान दिया जाए, तो गंजेपन की समस्या को शुरू होने से पहले ही रोका जा सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य टिप्स भी हैं, जो इस प्रकार हैं :

बार-बार कंघी करने से बालों के रोम छिद्र कमजोर हो सकते हैं, जिस कारण आपके बाल झड़ सकते हैं।
गर्म पानी से बालों के रोम छिद्र कमजोर हो सकते हैं। परिणामस्वरूप बाल पतले हो सकते हैं। इसलिए, अपने बालों को धोने के लिए सामान्य तापमान के पानी का उपयोग करें।
रासायनिक शैंपू का उपयोग आपके बालों के झड़ने का कारण बन सकता है। इसलिए, आयुर्वेदिक शैम्पू का उपयोग करें, जो बालों को लाभ पहुंचा सकता है।
स्कैल्प में परिसंचरण को बढ़ावा देने के लिए तेल के साथ नियमित रूप से सिर की मालिश करें।
अगर बालों का सही तरह से ध्यान रखा जाए, तो बाल झड़ने की समस्या से राहत पाना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है। इससे गंजेपन की समस्या को दूर किया जा सकता है। जिस प्रकार शरीर को पोषण की आवश्यकता होती है, वैसे ही बालों को भी इसकी जरूरत होती है। आप बालों को इस लेख में बताए गए घरेलू उपायों के जरिए पोषण दे सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि ऊपर दिए हुए घतागस्ब रेलू उपाय आपके लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। अगर आपके पास गंजेपन से संबंधित कोई अन्य जानकारी है, तो आप नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमारे साथ शेयर कर सकते हैं।

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