Badhaai Ho Movie Review: पूरी फिल्म में हंसते रहेंगे, कभी सोचेंगे तो कभी तालियां पीटेंगे

Badhaai Ho Movie Review: पूरी फिल्म में हंसते रहेंगे, कभी सोचेंगे तो कभी तालियां पीटेंगे

फिल्म बधाई हो 19 अक्टूबर को रिलीज हो रही है.

यह फिल्म कभी बेहद मजाकिया तो कभी थोड़ी बेवकूफियों भरी लगेगी. लेकिन पूरे वक्त आपके चेहरे से हंसी गायब नहीं होगी.

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ये कहना गलत नहीं है कि कॉमेडी फिल्म को सही तरीके से बना पाना कोई आसान काम नहीं है और जब ये सही तरीके से बन जाती है तो गहरा असर छोड़ती है. हमेशा के लिए न सही लेकिन लंबे समय तक वो फिल्म याद रखी जाती है. ‘बधाई हो‘ कुछ ऐसी ही फिल्म है. यह फिल्म कभी बेहद मजाकिया तो कभी थोड़ी बेवकूफियों भरी लगेगी. लेकिन पूरे वक्त आपके चेहरे से हंसी गायब नहीं होगी.जवान बच्चों के बाप जीतेंद्र कौशिक (गजराज राव) को जब ये पता चलता है कि उनकी पत्नी (नीना गुप्ता) प्रेग्नेंट है तो वो परेशान हो उठते हैं. सोसायटी-समाज में अपनी इमेज पर उठने वाले सवालों के चलते वह पत्नी को अबॉर्शन की सलाह देते हैं. लेकिन पत्नी इसके लिए राजी नहीं होती. उनका कहना है ये कि ये पाप है. इसके बाद दोनों फैसला लेते हैं कि वह बच्चे को इस दुनिया में लेकर आएंगे. जल्द ‘पापा-मम्मी’ के इस फैसले के बारे में सभी घरवालों को पता चल जाता है.

अब पता चलता है तो बड़ा बेटा नकुल (आयुष्मान खुराना) दफ्तर में अपनी गर्लफ्रेंड रिनी (सान्या मल्होत्रा) को इग्नोर करने लगता है. वह शर्मिंदगी की डर से अपने दोस्तों के साथ घूमना-फिरना बंद कर देता है. कुल मिलाकर वह समझ नहीं पाता कि इस सिचुएशन को कैसे संभाला जाए. कुछ ऐसी ही हालत दादी (सुरेखा सीकरी) की भी है. दादी इसका सारा इल्जाम बहू (नीना गुप्ता) पर लगा रही हैं. उनका मानना है कि यह सब बहू के हर वक्त टिप-टॉप रहने की आदत की वजह से हुआ है. पूरे सीन में और उथल-पुथल तब मच जाती है जब ये खबर रिश्तेदारों तक पहुंचती है.

फिल्म के डायरेक्टर अमित शर्मा ने अपने कलाकारों को स्क्रिप्ट के साथ पूरे फेरबदल करने की इजाजत दी. इसका असर ये रहा है कि दादी ने भी बंपर कॉमेडी की. वो सीन जहां वो कहती हैं ‘सरकार की नौकरी करे है, सरकार की बात ही ना सुनी ‘हम दो हमारे दो” कमाल का है.

गजराज राव और नीना गुप्ता पूरी फिल्म में छाए रहते हैं. वहीं दादी ‘आइसिंग ऑन दि केक’ हैं. नीना गुप्ता ने किरदार को पर्दे पर कुछ इस तरह उतारा है कि उनसे नजर नहीं हटती. आयुष्मान खुराना एक बार फिर आयुष्मान खुराना के रोल में ही नजर आए हैं. इस बात का मतलब तो आप समझ ही गए होंगे. उनमे आपको कोई खास या नई चीज दिखाई नहीं देगी. वह उसी लाइन पर चल रहे हैं. वह किरदार बखूबी निभा रहे हैं. लेकिन कुछ ऐसा नहीं है जो कर वो सबसे अलग नजर आएं.

सान्या मल्होत्रा ने रिनी के किरदार बखूबी पेश किया है. एक अलग अंदाज में नजर आ रही सान्या को पर्दे पर देखना अच्छा लगता है. कुलमिलाकर बधाई हो एक स्मार्ट और अच्छी तरह सोच समझकर बनाई गई फिल्म है. कहीं-कहीं ड्रामा थोड़ा ज्यादा लगता है लेकिन ये एक एंटरटेनिंग फिल्म है.

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डिटेल्ड रेटिंग

कहानी:
स्क्रिनप्ल:
डायरेक्शन:
संगीत:
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First published: October 18, 2018, 1:18 PM IST

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